Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 1, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 1, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
मोक्षस्य कारणं कर्म ज्ञानं वा मोक्षसाधनम् ।
उभयं वा विनिश्चित्य एकं कथय कारणम् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
क्या मोक्ष का (०३)
उत्पादक कर्म है ? अथवा ज्ञान ही मोक्ष का व्यंजक है ? या कर्म और ज्ञान दोनों मिलकर मोक्ष के साधन
हैं ? इन तीनों पक्षों में से निश्वय करके किसी एक कारण को कहिए