Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 8, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 8, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
इयमक्षौहिणी पूर्णा यस्याः पतिरहं प्रभो ।
तया परिवृतो युद्धं दास्यामि पिशिताशिनाम् ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रभो, यह मेरी पूर्ण एक अक्षौहिणी सेना है, जिसका मैं अधीश्वर हूँ । उसको लेकर मैं ही
राक्षसों के साथ युद्ध करूँगा