Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, Verse 30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 101, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 101 · श्लोक 30
संस्कृत श्लोक
धात्र्येति कथिता राम बालकाख्यायिका शुभा ।
तुष्टिं जगाम बालश्च शुभाख्यायिकयानया ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, धाय ने यह
सुन्दर बालकाख्यायिका कही है, इस सुन्दर आख्यायिका से बालक को भी बड़ा आनन्द
हुआ