Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 12, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 12, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
भाविनामार्थरूपं तद्बीजं शब्दौघशाखिनः ।
पदवाक्यप्रमाणाख्यं वेदवृन्दं विकासितम् ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
वेद आदि सम्पूर्ण शब्दों का शब्दतन्मात्रा उपादान है, ऐसा कहते हैं।
भावी (होनेवाले) नामों का अर्थभूत तथा शब्दसमूहरूपी वृक्षका बीज वह शब्दतन्मात्रा
ही विस्तार को प्राप्त किया गया पदवाक्यप्रमाणनामक वेदसमूह है