Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 121, Verse 5
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 121, verse 5 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 121 · श्लोक 5
संस्कृत श्लोक
भूयो विचारयामास तदाश्चर्यमनुत्तमम् ।
भूयो भूयोऽथ पप्रच्छ बभूवाश्चर्यवानिति ॥ ५ ॥
हिन्दी अर्थ
उस अपूर्वं आश्चर्य का राजा ने पुनः विचार किया, तदनन्तर बार-बार पूछा
ओर इससे राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ