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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 17, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 17, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 17 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

लीलोवाच । क्व ममावस्थितो भर्ता किं करोत्यथ कीदृशः । समीपं नय मां तस्य नैका शक्नोमि जीवितुम् ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

लीला ने कहा : देवी, मेरे पति कहाँ हैं, क्या करते हैं और केसे हैं, यानी सुखी हैं या दुःखी ? मुञ्चे आप उनके समीप ले चलिये । मैं उनके बिना अकेले नहीं जी सकती