Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 18, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 18, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 18 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
कारणानामभावेऽपि योदेति सहकारिता ।
तत्पूर्वकारणान्नान्यत्सर्वेणेत्यनुभूयते ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
यहाँ के सहकारी कारणों के न रहने पर भी वहाँ (समाधि में दृष्ट सृष्टि में) जो सामग्रीरूप
सहकारिता उत्पन्न होती है, यानी यदि सहकारी कारण न होता, तो कार्य की ही उत्पत्ति न
देश, काल और व्यवहार की पूर्ति नहीं करता है, अतः मिथ्या है ।
होती ! यों अन्यथानुपपत्त्या कल्पित होती है, वह पूर्व सृष्टि के कारण काम, कर्म, वासना और
अविद्या से भिन्न नहीं है, अतएव विलक्षणताकी सिद्धि नहीं होती, यह बात सब के अनुभव में
आती है