Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 33, Verse 1
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 33, verse 1 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 33 · श्लोक 1
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
भगवन्युद्धमेतन्मे समासेन मनाग्वद ।
श्रुतिराह्लाद्यते श्रोतुर्यस्मादेताभिरुक्तिमिः ॥ १ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : भगवन् इस युद्ध का कुछ संक्षेप से मुझसे वर्णन कीजिए, क्योकि
इन उक्तियों से श्रोता के कानों को बड़ा आनन्द मिलता है
सर्ग सन्दर्भ
बत्तीसवाँ सर्ग समाप्त तैंतीसवाँ सर्ग संकल्पजनित विमान में स्थित सरस्वती और लीला द्वारा देखे गये दोनों सेनाओं के संग्राम का वर्णन ।