Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 36, Verse 55
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 36, verse 55 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 36 · श्लोक 55
संस्कृत श्लोक
कैलासो वसुमान्मेरुस्तत्पादेषु जना उभे ।
मद्रावारेवयौधेया मालवाः शूरसेनिकाः ॥ ५५ ॥
हिन्दी अर्थ
इनके अनन्तर कैलास,
वसुमान् और मेरुपर्वत हैं, उनके सहायक पर्वत श्रेणियों में ये मनुष्य रहते हैँ -मद्र, वारेव,
यौधेय, मालव और शूरसेनिक