Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 38, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 38, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 38 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
तत्र श्रमवशान्मन्दयन्त्रशस्त्रपराक्रमैः ।
रणसंहरणं काले सर्वैरेवोररीकृतम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
रणभूमि में श्रमवश
सभी के यन्त्र, शरत्रास्त्र तथा पराक्रम मन्द पड़ गये थे, सभी ने समय पर रणसमाप्ति का
अनुमोदन किया