Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 41, Verse 21
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 41, verse 21 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
पालयत्येष भूपीठं ततः प्रभृति धर्मतः ।
भवत्यावद्यसंप्राप्ते फलिते सुकृतद्रुमे ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
हे देवियों, तभी से लेकर ये
धर्मपूर्वक भूतल का पालन कर रहे हैँ । आज हमारे पुण्यरूपी वृक्ष के फलने पर आप यहाँ प्राप्त
हुई हैं