Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 44, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 44, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 44 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
मन्त्रिप्रभृतयः पौरा योधाः सबलवाहनाः ।
सर्व एव त एवेमे स्थितास्तत्र तथैव ते ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
दूसरी यह बात मुझे संशय में डाल रही है कि मन्त्री आदि में भेद प्रतीति और वे ही ये हैं,
ऐसी प्रत्यभिज्ञा भी विरुद्ध है, ऐसा कहती है ।
हे देवि, ये मन्त्री आदि नागरिक तथा बल और वाहन से युक्त योद्धा सभी वे ही हैं, ये लोग
सभी जैसे यहाँ पर स्थित हैं, वैसे ही वहाँ पर भी स्थित हैं