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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, Verse 11

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 48, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

तयोश्चटचटास्फोटं शृण्वत्कोदण्डयोर्द्वयोः । बलद्वयमभूत्प्रेक्षामूकं शान्त इवाम्बुधिः ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

उन दोनों योद्धाओं के धनुषों के चट-चट शब्द को सुन रही दोनों सेनाएँ शान्त सागरके समान स्तब्ध हो गई