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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 54, Verse 3

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 54, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 3

संस्कृत श्लोक

लीला विदितवेद्या नो परमं धर्ममाश्रिता । केवलं तेन सा भर्तुः कल्पितं नगरं गता ॥ ३ ॥

हिन्दी अर्थ

अवलम्बन किया था, इसलिए वह केवल पति के कल्पित नगर में गई