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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 55, Verse 70

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 55, verse 70 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 70

संस्कृत श्लोक

प्रबुद्धलीलोवाच । केन मार्गेण देवेशि यात्येष शवमण्डपम् । एनमेवाशु पश्यन्त्यावावां गच्छाव उत्तमे ॥ ७० ॥

हिन्दी अर्थ

प्रबुद्ध लीला ने कहा : हे देवी, किस मार्ग से यह शवमण्डप में जाता है, इसको देखती हुई ही हम दोनों शीघ्र जावें