Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 57, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 57, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 57 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
वास्तवेन तु रूपेण भूम्याद्यात्माधिभौतिकः ।
न शब्देन न चार्थेन सत्यात्मा शशश्रृङ्गवत् ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
भूमि आदि रूप आधिभौतिक प्रपंच खरगोश के सींग की नाई वास्तविक रूप से न शब्दतः
ओर न अर्थतः ही सत्यस्वरूप है