Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 61, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 61, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
तदेवाभासतामेति निजसत्तात्मिकां स्वयम् ।
कोशस्थितालोकलवां तेजः प्रगटतामिव ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
पवनात्मा को प्राप्त हुआ
ब्रह्म ही स्वयं अपनी सत्तात्मक तेजस्ताको, जिसके मध्य में तेजस्तन्मात्रा का उन्मेष हो चुका
है, ऐसे प्राप्त होता है, जैसे कि तेज स्वयं प्रकटता को प्राप्त होता हे