Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 72, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 72, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
तस्याः कल्पाग्निभीमेन तपसा हि महागिरिः ।
बभूव तेन ज्वलितो जज्वालेव ततो जगत् ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
उसकी प्रलयाग्नि के समान भीषण
तपस्या से हिमालय पर्वत जल उठा, तदनन्तर उसने जगत् को प्रज्वलित किया