Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 83, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 83, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 83 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
यः कन्दराप्रतिष्ठां च न करोति नृपाधमः ।
तस्योपतापनिचयाः प्रजा निघ्नन्ति यत्नतः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
जो अधम राजा कन्दरा देवीकी प्रतिष्ठा नहीं करता,
अनेक उपद्रव आदि उसकी प्रजाको यत्नपूर्वक नष्ट करते हैं