Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 85, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 85, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 85 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
तेषु मत्प्रतिबिम्बाभाः पद्मकोशनिवासिनः ।
राजहंसान्समारूढाः संस्थिता दश पद्मजाः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
उन ब्रह्माण्डं में मेरे प्रतिबिम्ब के तुल्य
पद्मकोश में रहनेवाले ओर राजहंसो पर बैठे हुए दस ब्रह्मा स्थित थे