Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 85, Verse 35
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 85, verse 35 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 85 · श्लोक 35
संस्कृत श्लोक
कस्त्वं कथमिदं जातं जगदेव जगन्ति च ।
यदि जानासि भगवंस्तदेतत्कथयानघ ॥ ३५ ॥
हिन्दी अर्थ
तुम कौन
हो, यह तुम्हारा जगत् कैसे उत्पन्न हुआ एवं इससे अतिरिक्त ओर जो नौ जगत् हैं, वे कैसे
उत्पन्न हुए ? हे भगवन्, यदि आप इसको जानते हों, तो मुझसे कहिये