Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 86, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 86, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 86 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
तत्राभूदतिधर्मात्मा ब्राह्मणो ब्रह्मवित्तमः ।
इन्दुनामातिशान्तात्मा कश्यपस्य कुलोद्भवः ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
वहाँ पर कश्यपगोत्रोत्पन्न
अत्यन्त धर्मात्मा ब्रह्नज्ञानियों में श्रेष्ठ अत्यन्त शान्त इन्दुनामक ब्राह्मण हुआ