Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 91, Verse 2
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 91, verse 2 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 2
संस्कृत श्लोक
ऐन्दवानामतः सृष्टिक्रमाणां प्रविनाशनम् ।
युज्यते न च तद्ब्रह्मन्युक्तमेतन्महात्मनः ॥ २ ॥
हिन्दी अर्थ
इसलिए
एेन्दवों की सृष्टियों का विनाश आप नहीं कर सकते, चूँकि आप महात्मा हैं, इसलिए आपके
लिए उनका विनाश करना अयुक्त भी है