Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
मन्दारमञ्जरीरूपाश्चन्द्रबिम्बादिवांशवः ।
सर्वा एव समुत्पन्ना ब्रह्मणो दृश्यदृष्टयः ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे
वृक्ष से वृक्षरूप विविध शाखाएँ उत्पन्न होती हैं वैसे ही ये सम्पूर्ण दृश्यराशियाँ ब्रह्म से ही
उत्पन्न हुई हैं