Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 94, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
असावधमसत्त्वेति तेन साधुभिरुच्यते ।
सैव संख्यातिगानन्तजन्मवृन्दादनन्तरम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
पाँचवी जीवजाति को कहते है ।
पूर्वोक्त लक्षणवाली उत्पत्ति ही यदि अध्यात्मशास्त्रसे विमुख होनेके कारण असंख्य अनन्त
जन्मों के बाद इस कल्प में, जिसमें मोक्षप्राप्ति संदिग्ध हो यानी किसी प्रकार मोक्ष की संभावना
हो, ऐसी हो, तो उसे अत्यन्ततामसी कहते हैं ॥