Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 96, Verse 45
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 96, verse 45 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 96 · श्लोक 45
संस्कृत श्लोक
या एताः कथिताः संज्ञा मया राघव चेतसः ।
एता एवान्यथा प्रोक्ता वादिभिः कल्पनाशतैः ॥ ४५ ॥
हिन्दी अर्थ
हे रघुवर, जौ मैंने ये चित्तकी संज्ञाएँ कही हैं, उन््हींको अन्यान्य वादियों ने अपनी
सैंकड़ों कपोलकल्पनाओं से अन्य प्रकार से कहा है