Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 99, Verse 1
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 99, verse 1 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 99 · श्लोक 1
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
कासौ महाटवी ब्रह्मन्कदा दृष्टा कथं मया ।
के च ते पुरुषास्तत्र किं तत्कर्तुं कृतोद्यमाः ॥ १ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : ब्रह्मन् - वह महाटवी कौन है, मैने उसे कब और कैसे देखा, वे
पुरुष कौन हैं और अपने शरीरपर प्रहार करने तथा कुएँ ओर करौदे के वन आदि में प्रवेश करने
के लिए वे क्यों उद्यत हुए (२) ?
सर्ग सन्दर्भ
अद्वानबेवाँ सर्ग समाप्त निन्यानवे सर्ग पूर्व सर्ग में कहे गये चित्ताख्यान का क्रम और ओर व्युत्क्रमसे तात्पर्य वर्णन ।