Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 61
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 61 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 61
संस्कृत श्लोक
या शक्तिरुदिता शीघ्रं याति तन्मयतामजः ।
य एवर्तुः स्थितिं यातस्तन्मयो भवति द्रुमः ॥ ६१ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे
छः ऋतुओं में जो ऋतु जिस समय रहती है, उस समय वृक्ष तन्मय हो जाता है, वैसे ही जो शक्ति
उदित होती है आत्मा शीघ्र तन्मय बन जाता है