Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, Verse 18

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 13, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

अहो नु चित्रा नियतेर्व्यवस्थेति वदंछनैः । भगवान्भृगुरुत्तस्थावुदयाद्रेर्यथा रविः ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

भगवदिच्छारूप नियति की व्यवस्था बड़ी विचित्र है, ऐसा धीरे-धीरे कह रहे भगवान भृगु उदयाचल से सूर्य के तुल्य उठ खड़े हुए