Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 23, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 23, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
वक्षःस्थलसरःस्यूतकुचपङ्कजकोरका ।
घनरोमावलीच्छन्नस्कन्धक्रीडाशिलोच्चया ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
वक्ष स्थलरूपी सरोवर में सटे हुए स्तनरूपी कमल की कलियों से यह युक्त है।
इसमें स्कन्धरूपी क्रीडाशेलघन रोमावली से आच्छन्न हैं