Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 23, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 23, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
रोमशष्पतरच्छन्ना कर्णकोटरकूपका ।
स्फिक्श्रृंखलास्थितोपान्तपृष्ठविस्तीर्णजङ्गला ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
यह रोमरूपी लम्बे-लम्बे तृणों से आच्छादित है । कान का गर्त ही इसमें
कुआँ है । कटिपृष्ठभागरूपी श्रृंखला पर पृष्ठरूपी विस्तीर्णं जंगल इसमें स्थित हैं