Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 31
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 31 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 31
संस्कृत श्लोक
अथ शम्बरदैत्येन ये ये सेनाधिनायकाः ।
क्रियन्ते यत्नतस्तांस्तु जघ्नुर्यत्नपराः सुराः ॥ ३१ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार देवता ओर दानवं
के मनोमालिन्य के दृढ़ होने पर देवता स्वर्ग का परित्याग कर इधर-उधर दिशाओं में छिप गये ॥ ३ ०॥
किन्तु शम्बरासुर जिन-जिन को अपनी सेनाओं के अधिपति बनाता था, उन्हे देवता प्रयत्नपूर्वक मार
डालते थे