Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 28, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 28, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 28 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
उदपतन्नसुरावसुधातलाद्गगनमद्रितटादिव पक्षिणः ।
अतिबलादपतन्विबुधा भुवि प्रलयचालितशैलशिला इव ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे पर्वत के तट से पक्षी ऊपर को उडते हैं, वैसे ही दैत्य
भूमितल से आकाश की ओर ऊपर को उठते थे ओर प्रलयकाल में वायु से चलाई गई शैलशिलाओं
के समान देवता बड़े वेग से ऊपर से नीचे को गिरते थे