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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, Verse 12

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 29, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

स्थिरो भवतु मे देहः सुखायास्तु धनं मम । इति बद्धधियां तेषां धैर्यमन्तर्द्धिमाययौ ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

मेरा शरीर स्थिर हो, मेरे सुख के लिए धन हो, इस प्रकार की बद्धमूल हुई बुद्धि से युक्त उन लोगों का धैर्य छिप गया