Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 31, Verse 10
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 31, verse 10 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 31 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
काश्मीरेषु महारण्यसरसीवनपल्वले ।
अद्य मत्स्याः स्थिता राम शैवाललवलालसाः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, इस समय वे काश्मीर देश में गहन वन की तलैया में सेवार के
टुकड़ों के अभिलाषी मत्स्यरूप से स्थित हैं