Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 32, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
काश्मीरमण्डलस्यान्तर्नगरं नगशोभितम् ।
नाम्नाधिष्ठानमित्येव श्रीमत्तस्य भविष्यति ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
उक्त काश्मीर देश के मध्य में पर्वतो ओर वृक्षों से सुशोभित बड़ा सुन्दर अधिष्ठान नाम का नगर
होगा