Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 34, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
असच्छरीरं नास्तीदं चिच्छुद्धैवात्मनि स्थिता ।
अहं नाम न चान्योऽस्ति निश्चित्यैवासुरा ययुः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
असत् यह शरीर है ही नहीं, आत्मा में शुद्ध चित् स्थिर है, अहं नाम का कोई दूसरा पदार्थ
नहीं है, ऐसा निश्चय करके ही असुर लोग युद्धार्थं गये