Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 40, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
मनःसंकल्पमात्रेण गन्धर्वपुरवत्क्षणात् ।
तनोतीदमसद्दृश्यं ब्राह्मीं स्थितिमिव त्यजत् ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
मन के संकल्पमात्र से दृश्य अहंकार आदि की कल्पना द्वारा वास्तविक दृग्रूपता का त्यागकर
रही-सी चित्शक्ति क्षणमात्र में इस असत्यभूत दृश्य का गन्धर्व नगर की भाँति विस्तार करती हैं