Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 41, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
शाम्यति ह्यस्त्रमस्त्रेण मलेन क्षाल्यते मलः ।
शमं विषं विषेणैति रिपुणा हन्यते रिपुः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
परस्पर विरोध का उपपादन करते हैं।
अस्त्र अस्त्र से ही शान्त होता है, मल से (सज्जी से) ही मल साफ होता हे, विष से ही विष की
शान्ति होती है तथा शत्रु से ही शत्रु मारा जाता हे