Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 31
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 41, verse 31 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 31
संस्कृत श्लोक
राम नासाद्यते तद्धि पदमक्षयमुच्यते ।
यतःकुतश्चिज्जातेयमविद्या मलदायिनी ॥ ३१ ॥
हिन्दी अर्थ
यदि कोई कहे कि यह अविद्या परमात्मा में कहाँ से आई ? इस पर कहते हैं।
यह मलदायिनी अविद्या चाहे जहाँ कहीं से भी उत्पन्न हुई हो, यह अवश्य है तथा परमपद का
अवलम्बन कर स्थित है