Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 44, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 44, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 44 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
यथा ब्रह्मंस्तथा सर्वं विस्तरेण वदाशु मे ।
श्रीवसिष्ठ उवाच ।
ब्राह्मे श्रृणु महाबाहो शरीरग्रहणे क्रमम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीवसिष्ठजी
ने कहा : हे महाबाहो, ब्रह्मा के शरीर ग्रहण में जो क्रम है उसे आप मुझसे सुनिये, उसी को उदाहरण
बनाकर आप जगत की सारी स्थिति को जान जायेंगे