Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 49, Verse 30

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 49, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 30

संस्कृत श्लोक

पारिजातमिवाजेतुमूर्ध्वगैः खगमण्डलैः । व्योमान्तराभिधावन्तमलमुद्धतकन्धरम् ॥ ३० ॥

हिन्दी अर्थ

ऊपर उडनेवाले पक्षियों के स्ुण्डों से मानों पारिजात को जीतने के लिए खूब ऊँची गर्दन करके आकाश के मध्य में मानों वह दौड़ रहा था