Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 53, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 53, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
इक्षुक्षीरादिसलिला मणिरत्नबिसाङ्कुराः ।
और्वानलाम्बुजा यत्र वाप्यः सप्त महार्णवाः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
जहाँ पर
ईख के रस, दूध आदिरूप जलवाले, मणि, रत्नरूपी भसींड़े के अंकुरों से युक्त, बड़वानलरूपी कमलों
से भरे हुए सातमहासागर ही सात बावड़ियाँ है