Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 55, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 55, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
सुगन्धिताशेषवनं पुष्पमेघीकृताम्बरम् ।
धूलीकदम्बशबलफलौघवलितं तले ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
पल्लवो से सुशोभित घोंसलों से उसका सारा
भाग काला हो गया था और जड़ की भूमि पर धूलिकदम्बों से उसकी फलराशियाँ मिश्रित थी