Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 62, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
तव तुल्यमतिर्यः स्यात्सुजनः समदर्शनः ।
योग्योऽसौ ज्ञानदृष्टीनां मयोक्तानां सुदृष्टिमान् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जो सज्जन पुरुष आपके सदुश बुद्धिवाला और समदृष्टि है, वही सुदृष्टि
पुरुष मुझसे कही गई ज्ञानदृष्टियों का भाजन है