Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 24

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 7, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

प्रणया अवगण्यन्ते न रसज्ञैः कदाचन । अशङ्कितोपसंपन्नः प्रणयोऽन्योन्यरक्तयोः ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

चन्द्रमाओं से भी प्रियतम का प्रेम बढ़ा-चढा यह भाव है