Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 12, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 12, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
स ददर्शाखिलान्भावांश्चिच्छक्तौ समवस्थितान् ।
आत्मभूताननन्तात्मा सर्वभूतात्मकोविदः ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
अनन्त आत्मावाले, सब भूतों के आत्मा के
भिज्ञ उन्होंने सब पदार्थो को चिदात्मा में अध्यस्त अतएव आत्मभूत देखा