Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 19, Verse 35
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 19, verse 35 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 35
संस्कृत श्लोक
शोचनीया यदि स्नेहान्मातापितृसुताः सुत ।
तदतीता न शोच्यन्ते किमजस्रं सहस्रशः ॥ ३५ ॥
हिन्दी अर्थ
हे वत्स, यदि माता, पिता, पुत्र आदि स्नेहवश शोक के योग्य हैं, तो निरन्तर अतीत हजारों
माता-पिता पुत्र आदि का शोक क्यो नहीं किया जाता है ?