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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 23, Verse 13

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 23, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 13

संस्कृत श्लोक

विरोचन उवाच । स तत्र मन्त्री बलवान्देवासुरगणैः सुत । समेतैर्लक्षगुणितैरपि नाक्रम्यते मनाक् ॥ १३ ॥

हिन्दी अर्थ

विरोचन ने कहा : हे पुत्र, यदि देवता ओर असुर मिलकर लाख गुने भी हों, तो भी वहाँ पर उस बलवान मन्त्री के ऊपर तनिक भी आक्रमण नहीं कर सकते