Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 29, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
न ध्यानं नापि वाऽध्यानं न भोगान्नाप्यभोगिताम् ।
अभिवाञ्छामि तिष्ठामि सममेव गतज्वरः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
मैं न ध्यान की इच्छा करता हूँ और न ध्यान के अभाव की इच्छा करता हूँ। न
भोगों की इच्छा करता हूँ और न अभोग की ही इच्छा करता हूँ, किन्तु सन्ताप रहित होकर समरूप से
स्थित होता हूँ